क्राइम

पुलिस जांच में सिया को केतन की हत्या के लिए किसने उकसाया था इस बात का खुलासा

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पुणे / विशेष संवाददाता
                केतन की मंगेतर सिया गोयल को केतन की हत्या के लिए किसने उकसाया था इस बात का खुलासा पुलिस जांच में हुआ है। ज्ञात हो कि केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले से धक्का देकर गिरा दिया गया था। जिस कारण उसकी मौत हों गई थी। पहले इसे कुदरती मौत माना जा रहा था। पर पुलिस तफ्तीश में यह सोची समझी साजिश के तहत हत्या होने की बात सामने आने पर पुलिस ने इस मामले में हत्या का मामला दर्ज किया था।

पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार सरकार ने अग्रवाल परिवार की उस माग को मान लिया है जिसमें मशहूर वकील उज्ज्वल निकम को विशेष अभियोजक नियुक्त करके फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा उज्ज्वल निकम को विशेष अभियोजक नियुक्त करके फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की बात कही गई थी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “दोनों आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया कि चौधरी ने ही गोयल को लोहागढ़ किले पर अग्रवाल की हत्या करने के लिए उकसाया था।”

उन्होंने बताया कि मामले में गोयल के भाई से भी पूछताछ की गई है। मीडिया में आई उन खबरों के बारे में पूछे जाने पर, जिनमें दावा किया गया था कि अग्रवाल (25) के विग पहनने के कारण सिया उसे पसंद नहीं करती थी, पुलिस सूत्र ने कहा कि यह सही है कि केतन विग पहनता था, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि सिया के उसे नापसंद करने का यही एकमात्र कारण था। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि यह सच है कि केतन विग का एक छोटा सा पैच लगाता था और सगाई से पहले ही सिया और उनके परिवार को इस बारे में
सच है कि केतन विग का एक छोटा सा पैच लगाता था और सगाई से पहले ही सिया और उनके परिवार को इस बारे में बता दिया गया था।
उन्होंने कहा, “…अगर उसे (सिया) कोई दिक्कत थी, तो उसे मना कर देना चाहिए था। मेरे बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी?” पुलिस के अनुसार, सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) के खिलाफ केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने संबंध थे। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में अग्रवाल को एक चट्टान से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी थी
जांच से जुड़े पुणे देहात पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया था कि चट्टान वाले स्थान पर पहुंचने के बाद पहले से तय संकेत सिया ने चेतन चौधरी को दिया, जिसके बाद चौधरी ने अग्रवाल को पीछे से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस बीच, सिया गोयल की मां ने दावा किया कि उनकी बेटी 18 जून को लोहागढ़ किले जाने के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन केतन अग्रवाल और उनकी मां ने उसे वहां जाने के लिए मना लि
उन्होंने कहा, “17 जून की शाम सिया और केतन के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इस दौरान केतन ने सिया से लोहागढ़ चलने का आग्रह किया। कॉल के दौरान केतन की मां ने भी सिया से बात की और उसके साथ जाने के लिए कहा। सिया ने उन्हें बताया था कि अगले दिन एक पारिवारिक कार्यक्रम है, इसलिए वह ट्रैकिंग पर नहीं जाना चाहती और आराम करना चाहती है।” वहीं, सिया गोयल के पिता ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि शादी के लिए उदयपुर में एक महल किया गया था और मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की गई थी।
शादी पर खर्च तीन करोड़ था’
उन्होंने कहा, “यह सही है कि शादी उदयपुर में होनी थी। होटल का किराया प्रति जोड़े के हिसाब से प्रतिदिन लगभग 81 हजार रूपये था और हमने 70 कमरे बुक किए थे। लेकिन शादी पर हमारा कुल खर्च तीन करोड़ रूपये से अधिक नहीं था।” इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पुणे में केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन कि उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।
‘सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में होगी’
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मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, फडणवीस ने परिवार की इस मांग को भी स्वीकार कर लिया कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में कराई जाए और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाए। पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा बेहद चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जिस पर गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमें इस बात पर विचार करना होगा कि अच्छे  परिवारों के शिक्षित युवा-युवतियों के मन में आखिर ऐसी आपराधिक मानसिकता या बदले की भावना क्यों पैदा हो रही है। यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि इसका एक सामाजिक पक्ष भी है। समाज को ऐसा मजबूत सहयोगी तंत्र विकसित करना होगा, जिससे युवाओं के मन में इस प्रकार की प्रतिशोध की भावना पनपने ही न पाए।”
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मुख्य संपादक : संजय पांडे

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