डायबिटिक एसोशिएशन ऑफ इंडिया की नागपुर टिम का गठन


डायबिटिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया, नागपुर चैप्टर की नई टीम का गठन; व्यापक मधुमेह देखभाल पर जोर
डॉ. विवेक भालेराव अध्यक्ष और डॉ. अभिषेक पांडे मानद सचिव नियुक्त; वैज्ञानिक सत्रों में मधुमेह, मोटापा, हृदय और किडनी से जुड़े जोखिमों पर विशेषज्ञों ने किया मंथन
संवाददाता / अमित वानखड़े
नागपुर : डायबिटिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया (DAI), नागपुर चैप्टर का पदभार ग्रहण समारोह एवं वैज्ञानिक कार्यक्रम रविवार को रामदासपेठ स्थित होटल सेंटर पॉइंट में आयोजित किया गया। इस अवसर पर वर्ष 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी ने पदभार संभाला। डॉ. विवेक भालेराव को अध्यक्ष और डॉ. अभिषेक पांडे को मानद सचिव नियुक्त किया गया।
नई कार्यकारिणी में डॉ. आशीष सुंडे को कोषाध्यक्ष, डॉ. मुकुंद गनेरीवाल को निर्वाचित अध्यक्ष, डॉ. नितिन वडस्कर को तत्काल पूर्व अध्यक्ष और डॉ. पूजा जाधव को तत्काल पूर्व मानद सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. हिमांशु पाटिल और डॉ. जयंत केलवाड़े उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे, जबकि डॉ. केतकी अंबुलकर तेलंग और डॉ. गुंजन दलाल संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगी। डॉ. गुंजन दलाल और डॉ. वर्तिका पाटिल परीहार ने कार्यक्रम का संचालन किया।
कार्यक्रम के वैज्ञानिक सत्र की शुरुआत महत्वपूर्ण क्लिनिकल केस प्रस्तुतियों से हुई। एम्स नागपुर के डॉ. शांतनु देशमुख ने डायबिटिक कीटोएसिडोसिस में मल्टीपल सेरेब्रल इन्फार्क्ट्स के साथ राइनो-ऑर्बिटल-सेरेब्रल म्यूकोरमाइकोसिस से संबंधित एक जटिल केस प्रस्तुत किया। वहीं एसएसएच जीएमसी नागपुर की डॉ. प्रगति जोशी ने हाइपोग्लाइसीमिया के एक दुर्लभ प्रकार पर चर्चा की।
मधुमेह और सेप्सिस पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. विवेक भालेराव ने ‘मधुमेह और सेप्सिस’ विषय पर अपने विचार रखे। वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मधुमेह के उपचार में सामने आ रही नई चुनौतियों और आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी साझा की।
डॉ. विजय पनिकर ने क्रोनिक किडनी रोग से पीड़ित टाइप-2 मधुमेह मरीजों में समय पर ट्रिपल और क्वाड्रपल थेरेपी की भूमिका पर चर्चा की। डॉ. श्रीरंग गोडबोले ने लंबे समय तक वजन प्रबंधन में सेमाग्लूटाइड से जुड़े नए दृष्टिकोणों पर प्रकाश डाला। डॉ. विजय नेगलुर ने मोटापे की पैथोफिजियोलॉजी पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
वैज्ञानिक सत्रों में मधुमेह और मोटापे के साथ हृदय तथा किडनी से जुड़े जोखिमों के बेहतर प्रबंधन, आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और नई उपचार रणनीतियों पर विशेष जोर दिया गया।
आम नागरिकों के लिए जनजागरण मंच
कार्यक्रम में ‘मधुमेह और इसका प्रबंधन’ विषय पर विशेष जनजागरण सार्वजनिक मंच भी आयोजित किया गया। इसका संचालन डॉ. शंकर खोबरागड़े ने किया। पैनल में डॉ. विजय पनिकर, डॉ. विजय नेगलुर, डॉ. बी.के. शर्मा, डॉ. सुनील अंबुलकर, डॉ. निर्मल जायसवाल, डॉ. विवेक भालेराव और डॉ. अभिषेक पांडे शामिल रहे। विशेषज्ञों ने नागरिकों के मधुमेह की रोकथाम, उपचार, खान-पान, जीवनशैली और बेहतर प्रबंधन से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
कार्यक्रम में एसोसिएशन की साइंटिफिक कमिटी, कल्चरल कमिटी, एडवाइजरी बोर्ड और मैनेजिंग काउंसिल के सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता की। इस CME कार्यक्रम को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) से मान्यता प्राप्त थी।
जागरूकता और समय पर जांच पर रहेगा जोर
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने मधुमेह के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने, बीमारी की समय पर पहचान और उचित प्रबंधन को प्रोत्साहित करने का संकल्प दोहराया। इसके साथ ही वैज्ञानिक जानकारियों को चिकित्सकों और आम नागरिकों तक पहुंचाने तथा जनजागरण गतिविधियों को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के समापन पर मानद सचिव डॉ. अभिषेक पांडे ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी वक्ताओं, प्रतिनिधियों, सदस्यों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।




