सायन्स ने कितनी भी प्रगती कर ली हो पार समय समय पर डॉक्टर तथा वैज्ञानीको के आगे ऐसी कुछ चुनौती उपास्थित होती है की कुछ समय के लिए वह भी सकते मे आ जाते है। भले की कुछ समय उपरांत वह उसका हल खोज लेते हो . हाल ही मे कुछ ऐसा ही मामला उजागर हुआ है।
अक्सर देखा जाता है बुढापे की वजह बुजुर्ग अपना संतुलन खोकर बाथरूम या अन्य जगह फिसलकर गिर पडते है। जीस वजह उनके घुटनो या कमर के नीचे के बॉल मे फॅक्चर आ जाता है । जीसपर डॉक्टर उन्हे अस्पताल मे भरती कर उनपर ईलाज करते है ।
एक बुजुर्ग ने डॉक्टर के पास पहुंचकर जब उनसे कहा कि कुछ समय से उनके प्रायवेट पार्ट में दर्द हो रहा है । तो डॉक्टर ने उन्हें उस जगह सूजन है क्या ? या उसमें से किसी तरह का लिक्विड बाहर निकलता है क्या ? यह पूछकर जांच की लेकिन सबकुछ सामान्य पाया गया । तब डॉक्टर ने कमर के नीचे का एक्सरे करने का फैसला लिया । एक्सरे का रिपोर्ट देख डॉक्टर भी कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए । क्योंकि एक्सरे में बुजुर्ग के प्रायवेट पार्ट में हड्डी विकसित होती पाई गई. । डॉक्टर का कहना है कि इस बीमारी को आजार पेनाईल ओसीफिकेशन कहते है । यह बीमारी बिरला ही पाई जाती है ।
क्या है इसके पीछे की वजह – डॉक्टर ने कहा है की इस बीमारी में प्रायवेट पार्ट के मुलायम जगह में कैल्शियम जमा होने की वजह वह हड्डी जैसा ठोस रूप ले लेता है । जिस वजह पेनिस में दर्द होता है।
शॉक वेव थेरेपी से किया जाता है इलाज – डॉक्टर ने बताया कीनिया बीमारी का इलाज शॉक वेव थेरेपी से किया जाता है। इस थेरेपी में मशीन से निकलनेवाली लहरें उस हड्डी के छोटे छोटे टुकड़े कर देती है ।
४० से ७० की उम्र के किसी भी पुरुष को हों सकती है यह बीमारी – डॉक्टरों को कहना है कि ४० से ७० साल के किसी भी पुरुष के इस बीमारी के लक्षण पाए जा सकते है । वृद्धावस्था में होनेवाले किडनी, पेट तथा आघात से भी यह बीमारी हो सकती है ।
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