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आंत काटकर युवतिका बनाया प्रायवेट पार्ट

बुंदेलखंड / विशेष संवाददाता
मेडिकल विभाग में हर दिन कुछ ना कुछ नया होता है। इस क्षेत्र के लोग कुछ ऐसा कर दिखाते है जिससे दुनियांको कुछ नया मिल जाता है। तथा जिसकी चर्चा दुनिया भर में होती रहती है। ऐसा ही कुछ बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने कर दिखाया। है। दरअसल युवती को जन्म से प्रायवेट पार्ट ही नहीं था। इसके बाद वह सामान्य जीवन जी सकेंगी पर अफसोस माँ नहीं बन सकेगी।
छतरपुर की 22 साल की युवती को जन्म से प्रायवेट पार्ट नहीं था। डॉक्टरों ने दो घंटे की जटिल सर्जरी कर युवती की आंत को 12 सेमी काटकर उससे कृत्रिम प्राइवेट पार्ट बना दिया। कुदरत ने उसे जन्म से ही यह कमी दी थी। वजाइनल एजेनेसिस नामक बीमारी के कारण बचपन से उसका आत्मविश्वास कम हो रहा था। इस सर्जरी ने वह सामान्य जीवन जी सकेगी। अफसोस कि मां नहीं बन सकेगी।
इन डॉक्टर्स ने दी नई जिंदगी
युवती को बचपन से ही वजाइनल एजेनेसिस था। इस बीमारी से गर्भाशय और वजाइना का आखिरी सिरा नहीं बना। बच्ची बड़ी हुई तो उसे पता चला वह नॉर्मल नहीं है। वह डिप्रेशन में जा रही थी। तब माता-पिता उसे निजी अस्पताल लेकर गए। सर्जन डॉ. आरएस वर्मा को दिखाया। डॉ. वर्मा ने स्त्री रोग विशेषज्ञ बहू डॉ. रुचि, बेटे डॉ. अभिषेक के साथ मिलकर ये सर्जरी की।
खून की सप्लाई प्रभावित होने की चुनौती थी
एमपी के सर्जन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि इस प्रकार का केस संभाग में पहली बार सामने आया है। अक्सर ऐसी सर्जरी महानगरों में होती है। इसमें बड़ी चुनौती यह थी कि जो आंत का हिस्सा काटा, उसमें खून की सप्लाई बराबर होनी चाहिए, नहीं तो वह हिस्सा सड़ सकता था। लड़की स्वस्थ है। सामान्य जीवन जी सकती है।
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