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ब्यूटीपार्लर की आड में चल रहा था हथियार सप्लाई का गोरखधंधा

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अपराध की दुनिया मी मॅडम जहर की नाम से जाने जानेवाली खुशनुमा का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन हुआ उजागर

वैसे तो अंडरवर्ल्ड में कुछ महिलाएं ऐसी होकर गई है जिनकी अंडरवर्ल्ड में तूती बोलती थी। पर पिछले कुछ सालों से अंडरवर्ल्ड पर पुरुषों का दबदबा देखा जा सकता है। पर पुरुषों के दबदबे वाले इस क्षेत्र में महिलाओं का हमेशा से ही सहयोग रहा है। यहां यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि महिलाओं के सहयोग से कई बार दुश्मनों को मौत के घाट उतारे जाने के मामले भी घटित हुए है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसी ‘लेडी डॉन’ को दबोचा है, जिसका नाम सुनते ही पुलिस के भी कान खड़े हो गए हैं। बता दें कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग की सक्रिय सदस्य खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा, जिसे अपराध की दुनिया में ‘मैडम जहर’ के नाम से जाना जाता है, अब पुलिस की गिरफ्त में है। नेहा की गिरफ्तारी महज एक अपराधी की पकड़ नहीं है, बल्कि यह लॉरेंस गैंग के उस खतरनाक ‘महिला विंग’ का पर्दाफाश है, जो दिल्ली-NCR में ड्रग्स और हथियारों का सिंडिकेट चला रहा था।

ब्यूटी पार्लर की आड़ में ‘डर्टी गेम’

जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह है नेहा का काम करने का तरीका। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में नेहा एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य पार्लर लगता था, लेकिन पुलिस का दावा है कि इसकी आड़ में वह लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के लिए ड्रग्स सिंडिकेट और हथियारों की सप्लाई का जिम्मा संभाल रही थी। वह गैंग के गुर्गों के बीच ‘कम्युनिकेशन लिंक’ का काम करती थी और फरारी के दौरान अपराधियों को सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराती थी।

कौन है बॉबी कबूतर? 7 साल की फरारी और ‘मैडम जहर’ का साथ

‘मैडम जहर’ का सबसे गहरा कनेक्शन गैंगस्टर महफूज उर्फ बॉबी कबूतर से है। बॉबी कबूतर लॉरेंस गैंग का मुख्य गन सप्लायर और गनमैन है। पुलिस के मुताबिक, नेहा और बॉबी पिछले 7 सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। बॉबी बीते 7 साल से दिल्ली पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था और इस लंबी फरारी में नेहा उसकी सबसे बड़ी ढाल बनी हुई थी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (काउंटर इंटेलिजेंस) ने टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर महिपालपुर फ्लाईओवर के पास घेराबंदी की। यहां से बॉबी कबूतर, नेहा और उनके दो गुर्गों (मोहम्मद राजी खान और शाहबाज) को भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया।

सिद्धू मूसेवाला और दिशा पाटनी केस में खूंखार भूमिका

बॉबी कबूतर और नेहा की गिरफ्तारी से कई बड़े मर्डर केस की गुत्थियां सुलझती दिख रही हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले बॉबी कबूतर ने ही पंजाब जाकर रेकी की थी। उसने मूसेवाला के मूवमेंट और रूट की सटीक जानकारी हमलावरों तक पहुंचाई थी।

एक्ट्रेस दिशा पाटनी केस

यूपी के बरेली में फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग मामले में भी बॉबी कबूतर वांटेड था। पुलिस का दावा है कि दिशा के घर हमला करने वाले शूटर्स को विदेशी हथियार बॉबी ने ही मुहैया कराए थे।

नादिर शाह मर्डर और सीलमपुर डबल मर्डर

दिल्ली के चर्चित नादिर शाह हत्याकांड और सीलमपुर में हुए दोहरे हत्याकांड में इस्तेमाल हुए हथियारों की सप्लाई की कड़ी भी बॉबी कबूतर और नेहा से जुड़ी है।

ISI एजेंट ‘सलीम पिस्टल’ से सीधा कनेक्शन

बॉबी कबूतर का नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था। वह एशिया के कुख्यात हथियार तस्कर सलीम पिस्टल के संपर्क में था, जो नेपाल-भारत बॉर्डर से पकड़ा जा चुका है। सलीम पिस्टल के तार सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हुए थे। सलीम से मिले अवैध हथियारों की खेप बॉबी और नेहा के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक पहुंचती थी।

लॉरेंस गैंग में ‘लेडी डॉन्स’ की बढ़ती फौज

पुलिस अब इस बात से चिंतित है कि लॉरेंस गैंग में महिलाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ‘मैडम जहर’ से पहले भी कई नाम सामने आ चुके हैं। जोया खान- हाशिम बाबा की बेगम, जो फिलहाल जेल में है। लेडी डॉन दीपा- चंडीगढ़ की मशहूर लेडी डॉन जो गैंग के ऑपरेशन्स देखती थी। अनुराधा चौधरी (मैडम मिंज)- जो पहले से ही चर्चित रही है। ये महिलाएं पुलिस की नजरों से बचने के लिए ब्यूटी पार्लर, बुटीक या छोटे बिजनेस का सहारा लेती हैं और पर्दे के पीछे से गैंग की ‘मैनेजर’ के तौर पर काम करती हैं।

‘मैडम जहर’ का राजस्थान नेटवर्क

राजस्थान कनेक्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। जांच में सामने आया है कि ‘मैडम जहर’ का नेटवर्क जयपुर से लेकर अंतरराष्ट्रीय सरहद तक फैला हुआ था। दिसंबर 2024 में जयपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई सीमा मल्होत्रा उर्फ ‘मैडम माया’ से उसके करीबी संबंधों के संकेत मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर से हथियार और हवाला का पैसा राजस्थान भेजा जाता था, जिसे जयपुर में ‘मैडम माया’ मैनेज करती थी। दोनों महिलाएं जेल में बंद गैंग सदस्यों और बाहरी नेटवर्क के बीच कम्युनिकेशन लिंक का काम करती थीं।

जांच में यह भी सामने आया कि बॉबी कबूतर और ‘मैडम जहर’ का संपर्क नेपाल-भारत बॉर्डर पर पकड़े गए आईएसआई एजेंट सलीम पिस्टल से था, जो पाकिस्तान से तस्करी कर हथियार भारत में पहुंचाने में भूमिका निभाता था।

पुलिस को शक है कि श्रीगंगानगर, बाड़मेर और बीकानेर बॉर्डर से आने वाली ड्रग्स खेप के वितरण में भी इस सिंडिकेट की संलिप्तता हो सकती है। बरामद मोबाइल डेटा से राजस्थान के कई कारोबारियों के नंबर मिले हैं। आशंका है कि इन संपर्कों का इस्तेमाल रंगदारी वसूली के लिए किया जा रहा था।

अब क्या करेंगी पुलिस?

स्पेशल सेल अब नेहा उर्फ ‘मैडम जहर’ से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि गैंग में और कितनी महिलाएं शामिल हैं और उनका अगला टारगेट कौन था। पुलिस का मानना है कि बॉबी कबूतर और नेहा के पकड़े जाने से लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा के ड्रग्स और आर्म्स सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है।

क्या लॉरेंस गैंग अब अपनी रणनीति बदल रहा है? क्या ‘मैडम जहर’ जैसे किरदारों के जरिए गैंग दिल्ली-NCR में फिर से किसी बड़ी वारदात की फिराक में था? पुलिस की पूछताछ में जल्द ही बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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मुख्य संपादक : संजय पांडे

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